भारत के अलग-अलग हिस्सों में चने की सबसे अच्छी किस्में
भारत के अलग-अलग हिस्सों में चने की सबसे अच्छी किस्में

भारत के अलग-अलग हिस्सों में चने की सबसे अच्छी किस्में

चना (Gram) भारत की सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसलों में से एक है। यह प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है और लाखों किसानों की आजीविका का आधार है। भारत दुनिया में चने का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन हर राज्य की मिट्टी, जलवायु और मौसम अलग-अलग होने के कारण वहाँ की उपयुक्त चने की किस्में भी अलग होती हैं।

इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में चने की कौन-कौन सी किस्में सबसे अच्छी हैं, जिससे आप सही किस्म का चुनाव करके अपनी पैदावार बढ़ा सकें।

चना क्यों है भारतीय किसानों की पहली पसंद?

चना एक कम पानी में उगने वाली फसल है जो रबी सीज़न (अक्टूबर-मार्च) में उगाई जाती है। इसके कुछ प्रमुख फायदे हैं:

  • कम सिंचाई में अच्छी पैदावार
  • मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation)
  • बाजार में हमेशा अच्छे दाम
  • प्रोटीन से भरपूर – घरेलू और निर्यात दोनों में माँग

चने की मुख्य प्रकारें (Types of Gram)

भारत में मुख्यतः तीन प्रकार के चने उगाए जाते हैं:

1. देसी चना (Desi Gram)

देसी चना छोटे आकार का, भूरे या काले रंग का होता है। यह भारत में सबसे ज़्यादा उगाया जाता है और मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में अधिक प्रचलित है। दाल और बेसन बनाने के लिए इसका उपयोग होता है।

2. काबुली चना (Kabuli Gram)

काबुली चना बड़े आकार का, क्रीम या सफेद रंग का होता है। इसे छोले के रूप में खाया जाता है और निर्यात के लिए बहुत माँग है। पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में इसकी खेती ज़्यादा होती है।

3. हरा चना / मटर चना (Green Gram)

हरे चने को कच्चा खाया जाता है या सब्जी के रूप में पकाया जाता है। यह उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में उगाया जाता है।

भारत के अलग-अलग राज्यों में चने की सबसे अच्छी किस्में

मध्य प्रदेश के लिए सबसे अच्छी किस्में

मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा चना उत्पादक राज्य है। यहाँ की काली मिट्टी (मुरम) चने के लिए बेहद उपयुक्त है।

  • JG-11 – उच्च उपज देने वाली, सूखा सहनशील किस्म। औसत पैदावार 18-22 क्विंटल/हेक्टेयर।
  • JG-16 – विल्ट रोग प्रतिरोधी, जल्दी पकने वाली। 95-100 दिन में तैयार।
  • JG-14 – बारानी खेती के लिए बेहतरीन। कम पानी में भी अच्छी पैदावार।
  • RVG-202 – काबुली किस्म, निर्यात के लिए उपयुक्त।

राजस्थान के लिए सबसे अच्छी किस्में

राजस्थान की शुष्क जलवायु और रेतीली मिट्टी में भी चना अच्छा उगता है।

  • GNG-1958 (तेजस) – सूखा और ठंड दोनों सहनशील। किसानों में बेहद लोकप्रिय।
  • RSG-963 – उकठा रोग प्रतिरोधी, 20-25 क्विंटल/हेक्टेयर पैदावार।
  • RSG-888 – देसी किस्म, कम पानी में अच्छी पैदावार।
  • GNG-2171 – नई किस्म, बड़े दाने, अच्छा बाज़ार मूल्य।

उत्तर प्रदेश के लिए सबसे अच्छी किस्में

यूपी की दोमट मिट्टी और सिंचित क्षेत्र चने के लिए अनुकूल हैं।

  • Pusa 256 – ICAR द्वारा विकसित, उच्च उपज, रोग प्रतिरोधी।
  • K-850 – देर से बुवाई के लिए उपयुक्त, 110-115 दिन में तैयार।
  • Avrodhi – उकठा और जड़ सड़न रोग प्रतिरोधी।
  • Uday (KPG-59) – काबुली किस्म, अच्छे दाम मिलते हैं।

महाराष्ट्र के लिए सबसे अच्छी किस्में

महाराष्ट्र में मुख्यतः मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में चने की खेती होती है।

  • Vijay (ICCC-37) – काबुली किस्म, निर्यात उपयुक्त, बड़े दाने।
  • Phule G-5 – देसी किस्म, बारानी क्षेत्र के लिए।
  • BDNG-797 – विल्ट रोग सहनशील, 18-22 क्विंटल/हेक्टेयर।

पंजाब और हरियाणा के लिए सबसे अच्छी किस्में

इन राज्यों में सिंचित खेती होती है और काबुली चने की खेती अधिक लाभदायक है।

  • L-552 – पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित, उच्च उपज।
  • GL-769 – काबुली किस्म, 25-28 क्विंटल/हेक्टेयर पैदावार।
  • HC-1 – हरियाणा के लिए विशेष, जल्दी पकने वाली।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए

दक्षिण भारत में भी चने की खेती होती है, खासकर रबी सीज़न में।

  • JAKI-9218 – उकठा प्रतिरोधी, गर्म जलवायु के लिए।
  • NBeG-3 – काबुली किस्म, उच्च प्रोटीन सामग्री।

चने की बुवाई का सही समय और तरीका

सही समय पर बुवाई करना बहुत ज़रूरी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बुवाई का समय अलग होता है:

  • उत्तर भारत – अक्टूबर के मध्य से नवंबर के पहले सप्ताह तक
  • मध्य भारत (MP, राजस्थान) – अक्टूबर के अंत से नवंबर तक
  • दक्षिण भारत – नवंबर से दिसंबर तक

बीज दर: देसी चने के लिए 60-80 किग्रा/हेक्टेयर और काबुली चने के लिए 80-100 किग्रा/हेक्टेयर।

चने की किस्म चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?

सही किस्म का चुनाव करते समय इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • ✅ अपने क्षेत्र की मिट्टी का प्रकार (काली, दोमट, रेतीली)
  • ✅ सिंचाई की उपलब्धता (सिंचित या बारानी खेती)
  • ✅ स्थानीय रोग और कीट (उकठा, जड़ सड़न)
  • ✅ बाज़ार की माँग (देसी या काबुली)
  • ✅ पकने की अवधि (जल्दी या देर से)

विशेषज्ञों की सलाह (Expert Advice)

ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि किसानों को प्रमाणित बीज (Certified Seeds) ही खरीदने चाहिए। इससे अंकुरण दर अच्छी रहती है और पैदावार भी बेहतर होती है।

अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करके आप मुफ्त में किस्म चयन और बीज उपचार की जानकारी ले सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

भारत के हर हिस्से के लिए अलग-अलग उपयुक्त चने की किस्में उपलब्ध हैं। सही किस्म का चुनाव, सही समय पर बुवाई और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से आप अपनी पैदावार में 30-40% तक की वृद्धि कर सकते हैं। हमेशा प्रमाणित बीज खरीदें और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह लें।

अगर आप चने की खेती से जुड़ी और जानकारी चाहते हैं या अपने राज्य के लिए सबसे उपयुक्त किस्म जानना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट करें। हम आपकी मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं।


📌 लेखक परिचय: यह लेख कृषि विशेषज्ञों और ICAR के शोध डेटा के आधार पर तैयार किया गया है। Farming Acre टीम किसानों को सटीक और विश्वसनीय कृषि जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है।

📅 अंतिम अपडेट: अप्रैल 2026 | स्रोत: ICAR, JNKVV, PAU, MPKV

Add a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🌾 छोटे किसानों के लिए Top High Income Crops – कम जमीन में करें लाखों की कमाई

🌾 छोटे किसानों के लिए Top High Income Crops – कम जमीन में करें लाखों की कमाई

FarmingAcre
May 15, 2026
क्या आप एक छोटे किसान हैं और अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं? जानिए वो Top High Income Crops जो कम जमीन में भी लाखों की कमाई दे सकती हैं। पूरी जानकारी हिंदी में।
Best Profitable Farming Business Ideas in India | भारत में सबसे ज्यादा मुनाफे वाले खेती के बिजनेस आइडिया

Best Profitable Farming Business Ideas in India | भारत में सबसे ज्यादा मुनाफे वाले खेती के बिजनेस आइडिया

FarmingAcre
May 14, 2026
भारत में खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं? जानिए 2025 के Best Profitable Farming Business Ideas जो कम लागत में ज्यादा कमाई दें। किसानों के लिए सबसे बेहतरीन गाइड।
वर्मीकम्पोस्ट की खेती: केंचुआ खाद बनाने की पूरी जानकारी | Vermicompost Cultivation

वर्मीकम्पोस्ट की खेती: केंचुआ खाद बनाने की पूरी जानकारी | Vermicompost Cultivation

FarmingAcre
May 13, 2026
वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद) क्या है, इसे कैसे बनाएं, इसके फायदे और जैविक खेती में इसका उपयोग – पूरी जानकारी सरल हिंदी में। जानिए घर पर वर्मीकम्पोस्ट बनाने की आसान विधि।
भारत में अमरूद की बेहतरीन किस्में और खेती – पूरी जानकारी हिंदी में

भारत में अमरूद की बेहतरीन किस्में और खेती – पूरी जानकारी हिंदी में

FarmingAcre
May 13, 2026
जानिए भारत में अमरूद (Guava) की सबसे अच्छी किस्में कौन सी हैं, कहाँ और कैसे होती है खेती, क्या है पैदावार और कमाई का सही तरीका। पढ़ें पूरी गाइड सरल हिंदी में।
Discover organic farming, eco-friendly agriculture, and profitable farming methods with Farming Acre. Empowering farmers to grow sustainably and increase income.
Copyright © 2026. All rights reserved with Farming Acre.